बुधवार, 5 मई 2021

Coronavirus: बेंगलुरु में पॉजिटिविटी रेट 55 फीसदी पर पहुंचा, एक्टिव केस 3 लाख के पार

<p style="text-align: justify;"><strong>बेंगलुरु:</strong> बेंगलुरु में कोविड -19 की स्थिति गंभीर होती जा रही है. कोविड -19 के टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति पॉजिटिव मिल रहा है. शहर में पॉजिटिविटी रेट सोमवार को अब तक के सर्वाधिक 55 फीसदी पर पहुंच गया. वहीं, एक्टिव केस का आंकड़ा तीन लाख के पार हो गया है.</p> <p style="text-align: justify;">मंगलवार को बेंगलुरु में 20,870 कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आए और 132 लोगों की मौत हुई. वहीं, कनार्टक में एक दिन के अब तक के सबसे ज्यादा 44,632 पॉजिटिव मामले आए और 292 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. मंगलवार को छोटे अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से दो मौत दर्ज की हुई. वहीं, प्रमुख अस्पतालों में बेड की कमी के कारण गंभीर मरीज भी भर्ती नहीं हो पाए. कोविड -19 टीकाकरण भी प्रतिदिन 10 हजार से कम हो गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना टेस्ट की संख्या में कमी</strong><br />बेंगलुरु में प्रति दिन 20,000 नए मामलों का औसत ऐसे समय आ रहा है जब अधिकारियों ने जानबूझकर प्रतिदिन 1 लाख टेस्ट को कम करके लगभग 40,000-60000 टेस्ट ही डेली करने का निर्णय लिया है. शहर में आईसीयू बेड और ऑक्सीजन की कमी का लोगों को सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, प्रतिदिन हेल्पलाइन पर लगभग 4,500 कॉल पर मिलती हैं और उनमें से 1500-1700 में अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित जानकारी लेने वाली हैं. लगभग 500-550 कॉल आईसीयू बेड और आईसीयू वेंटिलेटर से संबंधित हैं.<br />&nbsp;<br /><strong>बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने बेड-ब्लॉकिंग में&nbsp; घोटाले का आरोप लगाया</strong><br />आम आदमी के लिए अस्पताल के बेड की अनुपलब्धता ने मंगलवार को एक राजनीतिक मोड़ भी ले लिया. &nbsp;बेंगलुरु दक्षिण के बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या और तीन बीजेपी विधायकों ने आरोप लगाया कि एक बेड-ब्लॉकिंग एक घोटाला था और अधिक कोविड -19 रोगियों को बचाया जा सकता था. उन्होंने कहा कि बीबीएमपी अधिक कुशल और सक्षम रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/up-uk/allahabad-high-court-said-that-death-due-to-non-supply-of-oxygen-not-less-than-genocide-1910192">ऑक्सीजन की कमी से हो रही मौतों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- ये नरसंहार से कम नहीं</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="%20https://www.abplive.com/news/india/delhi-hc-issues-show-cause-notice-to-centre-on-oxygen-issue-asks-why-it-should-not-initiate-contempt-actions-ann-1910155">ऑक्सीजन के मुद्दे पर दिल्ली HC का केंद्र को अवमानना का नोटिस, कहा- आप शुतुरमुर्ग की तरह ज़मीन में मुंह छुपा सकते हैं, हम नहीं&nbsp;</a></strong></p>

from india https://ift.tt/2QWTr5V

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी: केवल इस ब्लॉग का सदस्य टिप्पणी भेज सकता है.