<p style="text-align: justify;"><strong>कोलकाता</strong>: पश्चिम बंगाल विधानसभा का आज सत्र बुलाया गया है. आज सुबह 11 बजे राज्यपाल जगदीप धनखड़ के अभिभाषण के साथ यह सत्र शुरू होगा. आज विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी होगा. टीएमसी ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेट किया है. जिनका औपचारिक तौर पर आज विधानसभा अध्यक्ष बनना तय है. इस बीच पहले गुरुवार और शुक्रवार को प्रोटेम स्पीकर, पूर्व मंत्री व टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुब्रत मुखर्जी ने नवनिर्वाचित विधायकों को विधानसभा सदस्यता की शपथ दिलाई.</p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी ने बंगाल में राजनीतिक हिंसा नहीं थमने तक विधानसभा का सत्र बहिष्कार करने का फैसला लिया है. बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी के विधायक विधानसभा में विधानसभाध्यक्ष के चुनाव का बहिष्कार करेंगे और पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक तब तक सदन में नहीं जाएंगे जब तक कि राज्य में चुनाव बाद हिंसा पर नियंत्रण नहीं हो जाता. उन्होंने यह भी कहा कि 'जब तक हमारे विधायकों को पूरी सुरक्षा नहीं मिल जाती, तब तक हम विधानसभा में नहीं आएंगे... हम तभी आएंगे जब हमारे विधायक हमारे कार्यकर्ताओं के साथ चल पाएंगे.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चुनाव बाद हिंसा में 16 की जान गई</strong><br />मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा था कि राज्य में चुनाव बाद होने वाली हिंसा में 16 व्यक्तियों की जान चली गई, इसमें तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लोग शामिल हैं जबकि आईएसएफ के भी एक व्यक्ति की भी मौत हुई है. चुनाव परिणाम 2 मई को घोषित हुए थे. घोष ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हिंसा को रोकने के लिए पहल करेगी और हिंसा में प्रभावित लोगों को मुआवजा देगी.'</p> <p style="text-align: justify;">बनर्जी ने घोषणा की थी कि राज्य में आठ चरण के चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों में से हर एक परिवार के सदस्यों को सरकार द्वारा मुआवजे के रूप में 2-2 लाख रुपये दिए जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्रालय की चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी टीम राज्य में चुनाव बाद हिंसा के कारणों पर गौर करने के लिए राज्य का दौरा कर रही है. दल ने राज्य सचिवालय में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की और शुक्रवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात करके हिंसा पर रिपोर्ट मांगी.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/rss-said-statewide-violence-in-west-bengal-pre-planned-and-against-democracy-1911414">पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर RSS का बड़ा बयान, ये पूर्व नियोजित व लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत</a></strong></p> <p><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/what-did-the-shiv-sena-say-about-the-violence-that-followed-the-election-results-in-west-bengal-1911384">पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा पर शिवसेना ने क्या कहा?</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>हैदराबादः</strong> तेलंगाना में कोरोना वैक्सीन की डिलिवरी ड्रोन से की जाएगी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संबंध में सशर्त मंजूरी दे दी है. केंद्र सरकरा की ओर से राज्य को ये छूट एक साल के लिए या अगले आदेश तक के लिए मान्य है. हालांकि, यह प्रयोग दृश्यता सीमा तक ही सीमित होगा. मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया है कि प्रायोगिक रूप से ड्रोन के जरिए टीके को पहुंचाया जाएगा. मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी दी थी कि उसने तेलंगाना सरकार को मानवरहित विमान प्रणाली (यूएएस) नियम-2021 में सशर्त छूट दी है. इस छूट के तहत दृश्यता सीमा के अंदर प्रायोगिक रूप से ड्रोन का इस्तेमाल कर टीका पहुंचाने के लिए किया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मंत्रालय का आदेश</strong></p> <p style="text-align: justify;">मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में साफ किया गया है, ''राज्य सरकार को यह छूट अगले एक साल या अगले आदेश तक के लिए ही मान्य होगा.'' बता दें कि मंत्रालय ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद को कोरोना के टीके को ड्रोन से पहुंचाने को लेकर रिसर्च करने की अनुमति दी थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राज्य सरकार का बयान</strong></p> <p style="text-align: justify;">ड्रोन से वैक्सीन पहुंचाने के मामले पर तेंलगाना सरकार ने कहा, ''मेडिसिन फ्रॉम स्काई कार्यक्रम को एक साल के लिए रिसर्च के तहत दृश्यता सीमा के दायरे में अनुमति मिल गई है.'' राज्य सरकार ने कहा, ''नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मदद और मागदर्शन में ड्रोन परीक्षण के लिए जरूरी मंजूरी और छूट दे दी गई है.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब शुरू होगी ट्रायल</strong></p> <p style="text-align: justify;">माना जा रहा है कि ड्रोन से वैक्सीन डिलिवरी कार्यक्रम का ट्रायल मई के अंत तक शुरू हो जाएगा. हालांकि इस संबंध में अभी कोई खास डेट निर्धारित नहीं की गई है. सरकार को उम्मीद है कि अगर यह सफल रहा तो ड्रोन के जरिए वैक्सीन डिलिवर करने के काम में तेजी आ सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/if-we-take-strong-measures-third-wave-of-covid-19-may-not-happen-says-government-1911441"><strong>देश में उठाए जाएं कड़े कदम तो कोरोना की तीसरी लहर से निपटा जा सकता है- सरकार</strong></a></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> कोरोना से पीड़ित मरीजों में फंगल इंफेक्शन म्यूकोरमाइकोसिस पाया जा रहा है और मुख्यत: उन लोगों में यह संक्रमण पाया जा रहा है जो मधुमेह से पीड़ित हैं लेकिन इसके ज्यादा मामले नहीं हैं. यह बात शुक्रवार को नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कही है. उन्होंने कहा कि स्थिति की निगरानी की जा रही है और म्यूकोरमाइकोसिस का उपचार उपलब्ध है.</p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली के एक बड़े निजी अस्पताल ने एक दिन पहले ही कोविड के कारण म्यूकोरमाइकोसिस या (काला फंगस) के बढ़ते मामलों को उजागर किया था. पॉल ने कहा, "फंगल इंफेक्शन जिसे म्यूकोरमाइकोसिस कहा जाता है, वह कोविड-19 की बीमारी में पाया जा रहा है. यह म्यूकर नाम के फंगस के कारण होता है जो गीले सतह पर पाया जाता है. यह मुख्यत: उन लोगों को हो रहा है जो मधुमेह से पीड़ित हैं. यह उन लोगों में सामान्यत: नहीं पाया जा रहा है जिन्हें मधुमेह की शिकायत नहीं है. इसके ज्यादा मामले नहीं हैं और हम नजर रखे हुए हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लैक फंगस इंफेक्शन का ज्यादा प्रभाव कब होता है</strong><br />उन्होंने कहा, 'अनियंत्रित मधुमेह वालों पर म्यूकर हमला करता है. इसके अलावा मधुमेह का मरीज अगर प्रतिरोधक क्षमता को दबाने वाली दवाएं, स्टेरायड ले रहा है या जिसे कैंसर है, तो फिर उस व्यक्ति में म्यूकोरमाइकोसिस का प्रभाव ज्यादा है. अगर ऐसे रोगी गीली सतह के संपर्क में आते हैं तो इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना ज्यादा हो जाती है.'</p> <p style="text-align: justify;">पॉल ने कहा कि प्रतिरोधक क्षमता को कम करने वाली लेकिन जीवन रक्षक दवाएं जैसे डेक्सामेथासोन, प्रेडनीसोलोन, मिथाइलप्रेडिनीसोलोन, डेक्सोना आदि का इस्तेमाल कोविड से पीड़ित रोगियों के इलाज में किया जा रहा है.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/coronavirus-health-minister-harsh-vardhan-asks-west-bengal-cm-mamata-banerjee-to-augment-health-infra-1911413">कोरोना संकट: सीएम ममता बनर्जी को डॉ. हर्षवर्धन ने लिखी चिट्ठी, कहा- बंगाल में अधिक जांच किए जाने की जरूरत</a></strong></p> <p><strong><a href="https://ift.tt/3vRkbUk Cadila इस महीने मांग सकती है अपनी कोरोना वैक्सीन के लिए अनुमति</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">कोविड संकट ने देश में तबाही मचा रखी है और रोजाना चार लाख से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं. करीब चार हजार लोग रोज मौत के मुंह में जा रहे हैं. इस संकट की स्थिति में भी देश में धांधलीबाज अवसर तलाशने से पीछे नहीं हटते. कोरोना का अब तक कोई कारगर इलाज सामने नहीं आया है. वैक्सीन ही एकमात्र सुरक्षा कवच है. इसलिए वैक्सीन अभियान को तेज किया जा रहा है. लेकिन कई फेक एसएमएस आ रहे हैं जिसमें कहा जा रहा है कि इस लिंक पर क्लिक करेंगे तो CoWIN platform पर आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा. लेकिन यह फर्जी लिंक होते हैं. इस पर क्लिक करने से कोई घटिया पेज खुल जाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>गलत पेज पर ले जाएगा</strong><br />इतना ही नहीं किसी तरह का अश्लील पेज खुलने के बाद आपको कहा जाएगा कि इस एप को डाउनलोड कीजिए. इससे CoWIN platform पर जा सकेंगे. लेकिन यह पेज भी फर्जी होता है. इस एप के खुलते ही आपका एड्रेस, नाम, फोन नंबर आदि निजी जानकारी ले लेगा और फर्जी CoWIN पर ले जाकर छोड़ देगा. इसका मकसद सिर्फ आपसे आपकी निजी जानकारी लेना होता है. चूंकि देश में वैक्सीनेशन अभियान जोरों पर है और हर कोई वैक्सीन लगवाना चाहता है, इसलिए भारत में इस तरह के मालवेयर टार्गेट करते हैं. CoWIN platform पर यूजर्स का दबाव है. यही वजह की यहां कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसी का फायदा उठाकर धांधलीबाज लोग इस तरह का काम करते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या किया जाए</strong><br />भारत में 18 साल से 45 साल के बीच के लोगों को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है. इसके लिए दो प्लेटफॉर्म बनए गए हैं. CoWIN और Aarogya Setu app. यही दोनों एप प्रमाणिक है जिसे एंड्रायड या आईओएस के प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. अगर किसी थर्ड पार्टी की तरफ से एसएमएस, मैसेज या ई-मेल से लिंक भेजा जाए तो इसे न खोलें. फेक रजिस्ट्रेशन से बचने का यही एक तरीका है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> मेडिसिन बनाने वाली अहमदाबाद की प्रमुख कंपनी जायडस कैडिला इस महीने अपनी कोरोना वैक्सीन के लिए अनुमति मांग सकती है. कंपनी को कोविड वैक्सीन से जुड़ा डेटा मिल गया है. अब इस टीके के लिए इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन का आवेदन कर सकती है. </p> <p style="text-align: justify;">जायडस कैडिला के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) शर्विल पटेल ने कहा, "हम इस महीने रेगुलेटर को ट्रायल का डेटा देकर अनुमति मांग सकते हैं. हमें इसी महीने इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन की अनुमति मिल सकती है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल में 28 हजार लोग शामिल</strong><br />कंपनी ने प्लासमिड DNA वैक्सीन के लिए तीसरे फेज का क्लिनिकल ट्रायल फरवरी में शुरू किया था. इसमें 28,000 पार्टिसिपेंट को शामिल किया गया था. अभी तक देश में वैक्सीन की दो डोज लेने की जरूरत होती है, लेकिन जायडस कैडिला के वैक्सीन की तीन डोज की टेस्टिंग की गई. ये तीनों डोज एक महीने के अंतराल पर लेनी होगी. इसके अलावा कंपनी दो डोज वाली वैक्सीन ZyCoV-D का भी ट्रायल कर रही है. ये ट्रायल भी मई में पूरा होने की उम्मीद है. </p> <p style="text-align: justify;">कंपनी का दावा है कि नियामक से मंजूरी मिलने के बाद हर महीने 1 करोड़ डोज का उत्पादन कर सकती है. बाद में इसकी क्षमता बढ़ाकर हर महीने दो करोड़ डोज तक किया जा सकता है. अगर इस जायडस कैडिला की वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो ये भारत में लगाई जाने वाली चौथा टीका होगा. पिछले महीने डीजीसीआई ने जायडस कैडिला की कोरोना के इलाज में सहायक दवा विराफिन को इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी थी. </p> <p style="text-align: justify;">जायडस कैडिला का कहना है कि हल्के लक्षण वाले मरीजों को यह दवा दी जा सकती है. जब वायरल लोड मध्यम और हाई के बीच होता है, तो ऑक्सीजन की आवश्यकता तेजी से होती है. इसलिए इस दवा के इस्तेमाल से वायरल लोड कम हो जाएगा और ऑक्सीजन की आवश्यकता भी कम होगी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong><br /><strong><a href="https://ift.tt/3vOR9Vd Cadila की विराफिन दवा से वायरल लोड घटेगा-कोविड मरीजों की ऑक्सीजन जरूरत कम होगी, जानें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/videos/news/zydus-cadila-s-virafin-gets-dcgi-s-emergency-use-approval-for-covid-19-treatment-1905255">भारत में तैयार Corona की दवा को DCGI ने दी मंजूरी, 7 दिन में मरीज के ठीक होने का दावा</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>देश में कोरोना की जारी दूसरी लहर के बीच सरकार की ओर से तीसरी लहर की भयावहता को लेकर बड़ी बात कही गई है. केंद्र सरकार के शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के विजयराघवन ने कहा है कि देश में यदि जरूरी कदम उठाए गए तो कोराना वायरस की तीसरी लहर को मात दिया जा सकता है. डॉ. के विजयराघवन ने कहा कि यदि देश में कोरोना के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए तो संभावित तीसरी लहर को काबू करने में सफलता मिल सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा, ''अगर कोरोना के खिलाफ कठोर कदम उठाए तो तीसरी लहर को चकमा दे सकते हैं. इसके लिए स्‍थानीय स्‍तर पर गाइडलाइंस को, राज्‍यों, जिलों और शहरों में प्रभावी तरीके से कोरोना के गाइडलाइन्स को लागू करना होगा.''</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीसरी लहर कब आएगी?</strong></p> <p style="text-align: justify;">इससे पहले उन्होंने कहा था, ''कोरोना वायरस जितनी तेजी से फैल रहा है उसे देखते हुए तीसरी लहर की आशंका को टाला नहीं जा सकता. हालांकि यह नहीं कहा जा सकता है कि तीसरी लहर कब आएगी. तीसरी लहर को लेकर हमे सचेत रहना होगा. तीसरी लहर को लेकर वैक्‍सीन को अपग्रेड किए जाने पर निगरानी रखी जाए.''</p> <p style="text-align: justify;">डॉ. के विजयराघवन ने कहा कि हमने राज्‍य सरकारों को जानकारी दे दी है और जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि यूके वेरिएंट का असर अब कम हो रहा और नए वेरिएंट का असर ज्यादा दिख रहा है. हालांकि उन्होंने कहा कि अगर सावधानी बरती गई तो जरूरी नहीं कि सभी जगह तीसरी लहर आए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दूसरी लहर की भयावहता</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण हॉस्पिटल में मरीजों की संख्‍या में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. मरीजों की बढ़ोतरी के कारण अस्‍पतालों को बेड्स और ऑक्‍सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/states/up-uk/kanpur-mp-written-a-letter-to-cm-yogi-aditya-nath-and-express-concern-for-third-wave-of-corona-1911019"><strong>कानपुर के बीजेपी सांसद ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर कही बड़ी बात</strong></a> </p>